Sunday, August 15, 2021

Jim Elliot(American missionary)


                      Jim Elliot 

Jim Elliot एक 28 साल का आकर्षक मिशनरी था|


1956 में वो अपने चार साथियों के साथ South America के Ecuador नाम के इलाके में गया|जो समुद्र तट के पास था|


उनके साथ उनकी पत्नियां भी थी|उस समय Ecuador मे रह रही आदिवासी प्रजाति ’सभ्यता’ से एकदम कटी हुई थी|

तेल कंपनि के जितने भी कर्मचारी वहा तेल की तलास में गए थे,उन सब को उन आदिवासियों ने मार कर खतम कर दिया था|वे हिंसात्मक आदिवासी थे |ओर वो आपस में भी एक दूसरे को मारते रहते थे|


Jim Elliot और उसके साथी उन आदिवासियों तक jesus का सुसमाचार पोहचना चाहते थे|ताकि उनके अंदर की हिंसा खतम हो और वे भी परमेश्वर के प्रेम को समझ सके|


Jim Elliot ओर उसके साथि एक Plane में उस इलाके का चक्कर लगाते थे |और खाने पीने का सामान उपर से नीचे डाल देते थे , ताकी आदिवासियों को लगे कि वे उनके शत्रु नहीं पर मित्र हैं|

Jim Elliot की टीम ने उनकी भाषा भी सिख ली थी|वे कई दिनों तक उनके साथ दोस्ती बनाने के लिए उनके इलाके के ऊपर चक्कर लगाते रहे|


फिर 8 जनवरी 1956 को Jim Elliot और उसके चारो दोस्त अपनी अपनी पत्नी से विदा लेकर Plane में उस आदिवासियों की ओर उड़ गए, और पहली बार उनके इलाके की ओर उतरे|उतरते ही वे उन आदिवासियों को उन्हीं की भाषा में समझाने की कोशिश करने लगे कि वे उनके शत्रु नहीं पर मित्र हैं|


लेकीन एक बोहोत ही दर्दनाक घटना हो गई उन पांचों missionaries पर आदिवासियों ने भालों की बौछार कर दी |ओर वे पांचों missionaries पलक झपकते ही ढेर हो गए|

संसारने इस पूरे Mission की कड़ी निंदा की, लोगो का मानना था की उन पांचों होनहार जवानों कि जान बेकार में गई वे चाहते तो आपने जीवन में बोहोत कुछ कर सकतें थे

सब ने सोचा उस मूर्खता भरे मिशन का अंत वहीं हो गया और कुछ भी हासिल नही हुआ|



लेकिन 3 साल बाद Jim Elliot की पत्नी बाकी missionaries की पत्नियों के साथ वापस Ecuador गई उन्हीं आदिवासियों के पास और उन्हें jesus के प्रेम के बारे सिखाया|और धीरे धीरे उन आदिवासियों में परिवर्तन आना सुरु हुआ|


जिस आदिवासी ने Jim Elliot ओर उसके साथियों को मारा था उसने उसने प्रभु ’येशु मसीह’ को स्वीकार कर लिया|ओर Jim Elliot के साथी net Saint के बेटे Stive saint को गोद ले लिया|

बड़े होने पर stive saint का बपतिस्मा भी उसके पिता के हत्यारे ने ही किया |



कोई सोचेगा की अपने पिता के हत्यारे के साथ कोई कैसे खुश रह सकता हैं ? केवल ’येशु ’का अनुग्रह और प्रेम ही ये कर सकता हैं|



Jim Elliot की पत्नी Elizabeth Elliot ने उन आदिवासियों को पढ़ना लिखना सिखाया|उन्हें परमेश्वर के बारे मैं बताया और  उन्हें समझाया कि हत्या करना पाप हैं|बोहोत से आदिवासियों ने Jesus का स्वीकार किया, ओर उनके जीवन बदल गए|और उनके जीवन में शांति आ गई |

आज Ecuador के लोग , जानवरो की तरह एक दूसरे को मारते नहीं हैं, बल्कि प्रेम और आनंद से रहते हैं|

किसने किया उनसे इतना प्रेम ? की उन आदिवासियों का जीवन बदलने के लिए, और उनका उद्धार करने के लिए , परमेश्वर ने अपने दासों (missionaries) को भेजा|ऐसे दास (missionaries) जो अपनी जान पर खेल गए Jesus का संदेश उन तक  पोहचाने के लिए |आप ओर में जानते हैं सिर्फ Jesus ही मनुष्यो से इतना प्रेम करते हैं|



इसी लिए उसने पहले अपना बलिदान दिया ताकि लोग सच्चे परमेश्वर के प्रेम को समझ सके|


Jim Elliot(American missionary)

                      Jim Elliot  Jim Elliot एक 28 साल का आकर्षक मिशनरी था| 1956 में वो अपने चार साथियों के साथ South America के Ecuador नाम...